तुम्हारे साथ रहकर
तुम्हारे साथ रहकर अक्सर मुझे ऐसा महसूस हुआ है कि दिशाएँ पास आ गई हैं, हर रास्ता छोटा हो गया है, दुनिया सिमटकर एक आँगन-सी बन गई है जो खचाखच भरा है, कहीं भी एकांत...
A stage for poets, storytellers, writers and creators to share their voice, their craft and their stories.
Rachnakaron ki Mehfil is here with intent to make the creations and creators to reach the widespread audience as much as it can. It has organized events in different cities to let the voices of creators be known to people all around the world.
याद रखिए यूँ नहीं ढलते हैं कविता में विचार, होता है परिपाक धीमी आँच पर एहसास की।
अदम गोंडवी
A glimpse of the people, words and moments that bring Rachnakaron ki Mehfil to life.
तुम्हारे साथ रहकर अक्सर मुझे ऐसा महसूस हुआ है कि दिशाएँ पास आ गई हैं, हर रास्ता छोटा हो गया है, दुनिया सिमटकर एक आँगन-सी बन गई है जो खचाखच भरा है, कहीं भी एकांत...
तुमसे अलग होकर लगता हैअचानक मेरे पंख छोटे हो गए हैं,और मैं नीचे एक सीमाहीन सागर में गिरता जा रहा हूँ।अब कहीं कोई यात्रा नहीं है,न अर्थमय, न अर्थहीन;गिरने और उठन...
चाँदनी की पाँच परतें,हर परत अज्ञात हैएक जल में,एक थल में,एक नीलाकाश मेंएक आँखों में तुम्हारे झिलमिलाती,एक मेरे बन रहे विश्वास मेंक्या कहूँ, कैसे कहूँकितनी ज़रा-...
थोड़ी-सी ऑक्सीजन और थोड़ी-सी नमी वह छीन लेती है हवा से और पेंट की परत के नीचे छिपकर एक ख़ुफ़िया कार्रवाई की शुरुआत करती है एक दिन अचानक एक पपड़ी छिलके-सी उतरती ह...
ये आईना बोलने लगा है,मैं जब गुज़रता हूं सीढ़ियों से,ये बातें करता है- आते जाते में पूछता है"कहाॅं गयी वह फतुई तेरी--ये कोट नेक-टाई तुझ पे फबती नहीं,ये मसनूई लग...
आपस में सट कर फूटी कलियाँ एक दूसरे के खिलने के लिए जगह छोड़ देती हैं जगह छोड़ देती हैं गिट्टियाँ आपस में चाहे जितना सटें अपने बीच अपने बराबर जगह ख़ाली छोड़ देती...
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